अमावस्या के अगले दिन जब चन्द्रमा के प्रथम दर्शन होते हैं तो उसे ‘चंद्र दर्शन’ कहा जाता है। हिन्दू मान्यतानुसार चंद्र दर्शन को बहुत शुभ माना जाता है।

चंद्र देव (चंद्रमा) हिन्दू धर्म के प्रमुख पूजनीय देवों और नवग्रहों में से एक हैं। वे पवित्रता, सत्य, ज्ञान और सदविचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसी मान्यता है कि चंद्र दर्शन के दिन चंद्र देव के निमित्त व्रत रखने व सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से उनका पूजन करने से वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं और उपवासक को सौभाग्य, सफलता और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

चंद्र दर्शन के दिन श्रद्धालु पूरे दिन निराहार और निर्जल व्रत रखते हैं, तथा चन्द्रमा के दर्शन करने के पश्चात् ही व्रत का समापन करते हैं। इस दिन ब्राह्मणों और ज़रूरतमंद व्यक्तियों को सफ़ेद खाद्य पदार्थों (चीनी, चावल इत्यादि), वस्त्रों और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।

Categories: General

Related Posts

General

Phulera Dooj, 28 February 

  Phulera Dooj is a wonderful celebration of the colourful season we are in – spring time. Phulera means ‘’of flowers’’. Falling between Vasant Panchami and Holi, this festival is mostly celebrated in the North Read more…

General

फुलेरा दूज – 28 फ़रवरी – मंगलवार

  वसंत ऋतु के उल्लासपूर्ण वातावरण का एक आनंदमयी उत्सव है ‘फुलेरा दूज’। यह त्यौहार वसंत पंचमी और होली के बीच फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इसे फाल्गुन Read more…

General

శ్రీ కన్యకాపరమేశ్వరి ఆలయం, బెల్లంపల్లి

  శ్రీ వాసవీ కన్యకా పరమేశ్వరి వైశ్యుల కులదేవత.  వాసవీ పురాణంలో వైశ్యులలో కళింగ వైశ్యులు, త్రివర్ణిక వైశ్యులనే రెండు వర్గాలు ఉన్నట్లు పేర్కొనబడినది. ఈ దేవతకు ప్రధాన క్షేత్రం పశ్చిమ గోదావరి జిల్లా పెనుగొండ. వాసవీ కన్యకా పరమేశ్వరి ఆత్మార్పణ చేసుకొనే సమయంలో భక్తుల కోరిక మేరకు Read more…